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भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम • हिंदी वसीयत प्रारूप

वसीयतनामा फॉर्मेट: हिंदी में कानूनी रूप से मान्य वसीयत

सरल हिंदी में मुफ्त वसीयतनामा का नमूना। हर खंड का कानूनी कारण समझें, धारा 63 के गवाह नियम जानें और सादे कागज़ पर अपनी वसीयत आज ही तैयार करें।

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संक्षेप में: हिंदी वसीयत की ज़रूरी बातें

भारत में मान्य वसीयत के 4 मुख्य नियम

  • हिंदी पूरी तरह मान्य है: वसीयत किसी भी भाषा में लिखी जा सकती है। ज़रूरी है कि आपकी इच्छा साफ़ हो।
  • स्टाम्प पेपर ज़रूरी नहीं: सादे सफ़ेद कागज़ पर लिखी वसीयत पूरे भारत में मान्य है।
  • दो गवाह अनिवार्य: धारा 63 के अनुसार कम से कम दो बालिग गवाह हस्ताक्षर करें।
  • लाभार्थी गवाह न बने: धारा 67 के अनुसार गवाह या उसके जीवनसाथी को दिया गया हिस्सा शून्य हो जाता है।
खंड 1: कानूनी आधार

1. सादे कागज़ पर वसीयत: क्या यह कानूनी रूप से मान्य है?

बहुत से लोग मानते हैं कि वसीयत स्टाम्प पेपर पर ही बनती है। यह सही नहीं है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत वसीयत पर कोई स्टाम्प ड्यूटी नहीं लगती। किसी भी राज्य में वसीयत के लिए स्टाम्प शुल्क देना ज़रूरी नहीं है।

वसीयत की वैधता के नियम भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 63 में हैं। वसीयतकर्ता को हस्ताक्षर करने होते हैं। फिर दो गवाह इसकी पुष्टि करते हैं। बस इतना ही। नोटरी, स्टाम्प या पंजीकरण की कोई अनिवार्यता नहीं है।

याद रखें: कागज़ नहीं, प्रक्रिया मायने रखती है

अदालतें वसीयत को उसके कागज़ से नहीं, उसके निष्पादन से परखती हैं। अगर हस्ताक्षर और गवाही धारा 63 के अनुसार हुई है, तो सादे कागज़ की वसीयत भी पूरी तरह लागू होती है। विस्तार से पढ़ें: क्या सादे कागज़ पर बनी वसीयत मान्य है?

खंड 2: निष्पादन के नियम

2. धारा 63 के नियम: हस्ताक्षर और गवाही सरल हिंदी में

धारा 63 बताती है कि एक सामान्य वसीयत कैसे पूरी होती है। कानूनी भाषा कठिन है, इसलिए हमने इसे चार आसान नियमों में बाँटा है।

वसीयतकर्ता के हस्ताक्षर

धारा 63(a)

वसीयतकर्ता खुद हस्ताक्षर करे या अंगूठे का निशान लगाए। वह चाहे तो उसकी मौजूदगी और निर्देश पर कोई और भी हस्ताक्षर कर सकता है।

हस्ताक्षर की सही जगह

धारा 63(b)

हस्ताक्षर ऐसी जगह हों जिससे साफ़ लगे कि वसीयतकर्ता पूरे दस्तावेज़ को लागू करना चाहता है। आमतौर पर यह अंत में और हर पृष्ठ के नीचे होता है।

दो गवाह ज़रूरी

धारा 63(c)

कम से कम दो गवाह वसीयतकर्ता को हस्ताक्षर करते देखें। फिर दोनों गवाह वसीयतकर्ता की मौजूदगी में अपने हस्ताक्षर करें।

गवाह को सामग्री जानना ज़रूरी नहीं

धारा 63(c)

गवाह को वसीयत की बातें पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। उसे केवल यह प्रमाणित करना है कि हस्ताक्षर उसके सामने हुए।

खंड 3: मुफ्त हिंदी प्रारूप

3. वसीयतनामा फॉर्मेट: कॉपी और प्रिंट करने योग्य हिंदी प्रारूप

नीचे भारतीय संपत्ति के लिए पूरा वसीयतनामा का नमूना है। कोष्ठक [ ] में दी गई जानकारी अपने विवरण से भरें। आप इसे कॉपी कर सकते हैं, Word फ़ाइल में डाउनलोड कर सकते हैं या प्रिंट करके PDF के रूप में सेव कर सकते हैं।

हिंदी वसीयतनामा प्रारूप (सादे कागज़ के लिए)
वसीयतनामा (अंतिम वसीयत) मैं, [वसीयतकर्ता का पूरा नाम], पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री [पिता/पति का नाम], आयु लगभग [आयु] वर्ष, निवासी [पूरा स्थायी पता], पैन नंबर [पैन], आधार नंबर XXXX-XXXX-[अंतिम 4 अंक], एतद्द्वारा अपनी पूर्व में की गई सभी वसीयतों, कोडिसिल (वसीयत-पूरक) और वसीयती व्यवस्थाओं को रद्द करता/करती हूँ। मैं घोषणा करता/करती हूँ कि यह मेरी अंतिम वसीयत है। 1. स्वस्थ मानसिक स्थिति की घोषणा मैं घोषणा करता/करती हूँ कि मैं पूरी तरह स्वस्थ चित्त और समझ की स्थिति में हूँ। मैं यह वसीयत अपनी स्वतंत्र इच्छा से लिख रहा/रही हूँ। इस पर किसी व्यक्ति का कोई दबाव, धोखा, भय या अनुचित प्रभाव नहीं है। 2. निष्पादक (एग्ज़ीक्यूटर) की नियुक्ति मैं श्री/श्रीमती [निष्पादक का नाम], पुत्र/पुत्री [पिता का नाम], निवासी [पता] को इस वसीयत का निष्पादक नियुक्त करता/करती हूँ। यदि वे मुझसे पहले न रहें, यह दायित्व लेने से मना करें या कार्य करने में असमर्थ हों, तो मैं श्री/श्रीमती [वैकल्पिक निष्पादक का नाम], निवासी [पता] को वैकल्पिक निष्पादक नियुक्त करता/करती हूँ। 3. ऋण और अंतिम संस्कार का खर्च मेरा निर्देश है कि मेरे सभी वैध ऋण, वसीयत से जुड़े खर्च और अंतिम संस्कार का खर्च मेरी संपत्ति में से निष्पादक द्वारा चुकाया जाए। 4. अचल संपत्ति (अनुसूची 'क') अनुसूची 'क' में वर्णित अचल संपत्ति [मेरी स्व-अर्जित संपत्ति है / पैतृक संपत्ति में मेरा अविभाजित हिस्सा है]। मेरी मृत्यु के बाद: (क) [संपत्ति का पूरा पता, खसरा/सर्वे नंबर, रजिस्ट्री विवरण] पर स्थित मेरी आवासीय संपत्ति मेरे/मेरी [संबंध], [लाभार्थी 1 का नाम] को पूर्ण स्वामित्व अधिकारों के साथ प्राप्त होगी। (ख) [अन्य अचल संपत्ति और उसके लाभार्थी का विवरण, यदि हो]। 5. चल संपत्ति (अनुसूची 'ख') मेरी मृत्यु के बाद: (क) [बैंक का नाम, शाखा] में मेरे बचत खाता संख्या [खाता संख्या] की पूरी राशि [लाभार्थी 2 का नाम] को प्राप्त होगी। (ख) [डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट का नाम] के पास मेरे डीमैट खाते (DP ID [ ], Client ID [ ]) में रखे सभी शेयर और प्रतिभूतियाँ [लाभार्थी 3 का नाम] को प्राप्त होंगी। (ग) मेरे सोने-चाँदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएँ [लाभार्थी का नाम] को प्राप्त होंगी। 6. नाबालिग संतान के संरक्षक (यदि लागू हो) यदि मेरी मृत्यु के समय मेरी कोई संतान नाबालिग हो, तो मैं [संरक्षक का नाम], निवासी [पता] को उसका संरक्षक नियुक्त करता/करती हूँ। 7. शेष संपत्ति (अवशिष्ट खंड) जिस संपत्ति का इस वसीयत में अलग से उल्लेख नहीं है, या जो संपत्ति मुझे भविष्य में प्राप्त हो, वह सभी चल और अचल संपत्ति मेरे/मेरी [संबंध], [लाभार्थी का नाम] को प्राप्त होगी। 8. नॉमिनी (नामांकन) के संबंध में स्पष्टीकरण बैंक, हाउसिंग सोसायटी या डिपॉजिटरी में दर्ज नॉमिनी केवल संपत्ति प्राप्त करके उसे इस वसीयत के लाभार्थियों को सौंपने के लिए होंगे। जहाँ तक कानून अनुमति देता है, इन संपत्तियों का पूर्ण स्वामित्व इस वसीयत में नामित लाभार्थियों का होगा। साक्ष्य स्वरूप, मैंने आज दिनांक [दिन] [माह] [वर्ष] को [शहर/स्थान] में इस वसीयत पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। इस वसीयत में कुल [ ] पृष्ठ हैं और प्रत्येक पृष्ठ पर मेरे हस्ताक्षर हैं। ___________________________________ वसीयतकर्ता के हस्ताक्षर / अंगूठे का निशान [वसीयतकर्ता का पूरा नाम] गवाहों का सत्यापन (भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 63 के अंतर्गत) हम, नीचे हस्ताक्षर करने वाले गवाह, प्रमाणित करते हैं कि उपरोक्त वसीयतकर्ता [वसीयतकर्ता का नाम] ने हमारी उपस्थिति में इस वसीयत पर हस्ताक्षर किए हैं। हमने वसीयतकर्ता के अनुरोध पर और उनकी उपस्थिति में गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। हम पुष्टि करते हैं कि हम या हमारे जीवनसाथी इस वसीयत के लाभार्थी नहीं हैं। गवाह 1: हस्ताक्षर: ___________________________ पूरा नाम: [गवाह 1 का नाम] पिता का नाम: [पिता का नाम] आयु और व्यवसाय: [आयु / व्यवसाय] पूरा पता: [पता] दिनांक: [दिनांक] गवाह 2: हस्ताक्षर: ___________________________ पूरा नाम: [गवाह 2 का नाम] पिता का नाम: [पिता का नाम] आयु और व्यवसाय: [आयु / व्यवसाय] पूरा पता: [पता] दिनांक: [दिनांक] अनुसूची 'क': अचल संपत्ति 1. संपत्ति का विवरण: [मकान / फ्लैट / प्लॉट / कृषि भूमि] क्षेत्रफल और सीमाएँ: पूर्व: [ ], पश्चिम: [ ], उत्तर: [ ], दक्षिण: [ ] रजिस्ट्री/बैनामा संख्या: [दस्तावेज़ संख्या और उप-पंजीयक कार्यालय] अनुसूची 'ख': चल संपत्ति 1. बैंक खाते और एफडी: [बैंक का नाम, खाता संख्या, IFSC] 2. डीमैट और म्यूचुअल फंड: [DP ID, Client ID, फोलियो नंबर] 3. बीमा पॉलिसी: [बीमा कंपनी, पॉलिसी नंबर] 4. आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएँ: [विवरण]
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हर खंड क्यों ज़रूरी है: कानूनी कारण

स्वस्थ मानसिक स्थिति की घोषणाधारा 59, ISA 1925

वसीयत वही बना सकता है जो बालिग हो और स्वस्थ चित्त हो। यह घोषणा बाद में मानसिक अक्षमता के आरोपों के खिलाफ़ पहला बचाव है।

पुरानी वसीयतें रद्द करनाधारा 62 और 70, ISA 1925

वसीयत जीवनभर बदली जा सकती है। यह खंड पुरानी या भूली हुई वसीयतों को साफ़ तौर पर रद्द करता है, ताकि दो वसीयतों में टकराव न हो।

निष्पादक की नियुक्तिधारा 222, ISA 1925

प्रोबेट केवल वसीयत में नामित निष्पादक को दिया जा सकता है। वैकल्पिक निष्पादक होने से काम नहीं रुकता, भले ही पहला निष्पादक उपलब्ध न हो।

संपत्ति का स्पष्ट विवरणधारा 74 और 82, ISA 1925

वसीयत में खास कानूनी शब्द ज़रूरी नहीं, पर इरादा साफ़ होना चाहिए। खसरा नंबर, खाता संख्या और फोलियो नंबर लिखने से परिवार में अलग-अलग अर्थ निकालने की गुंजाइश नहीं रहती।

नाबालिग के संरक्षकधारा 9, HMGA 1956

हिंदू माता-पिता वसीयत से संरक्षक नियुक्त कर सकते हैं। ध्यान दें: पिता द्वारा नियुक्त संरक्षक तभी प्रभावी होता है जब माँ जीवित न हो, या माँ ने कोई और संरक्षक नियुक्त न किया हो।

अवशिष्ट खंड (शेष संपत्ति)धारा 8 और 15, HSA 1956

जो संपत्ति वसीयत में छूट जाती है, वह निर्वसीयत उत्तराधिकार के नियमों से बँटती है। यह खंड भविष्य में खरीदी गई या भूली हुई संपत्ति को भी आपकी इच्छा के अनुसार बाँटता है।

नॉमिनी स्पष्टीकरणशक्ति येज़दानी (SC, 2023)

नॉमिनी आमतौर पर केवल संरक्षक होता है, मालिक नहीं। अपवाद: बीमा अधिनियम की धारा 39 के तहत माता-पिता, पति/पत्नी या संतान लाभकारी नॉमिनी हो सकते हैं। इसलिए बीमा नॉमिनेशन को वसीयत से मिलाकर रखें।

दो गवाहों का सत्यापनधारा 63(c), ISA 1925

यह वसीयत की कानूनी नींव है। दो गवाहों के सत्यापन के बिना वसीयत को अदालत में साबित करना लगभग असंभव हो जाता है।

खंड 4: वैधता जाँच

4. क्या यह वसीयत कानूनी रूप से मान्य होगी? जाँच सूची

प्रिंट करने से पहले इन बिंदुओं को जाँचें। हर बिंदु पर टिक करें और देखें कि आपकी वसीयत धारा 63 के नियमों पर खरी उतरती है या नहीं।

वैधता स्कोर: 4 / 7कुछ बिंदु बाकी हैं
बाकी बिंदु भी पूरे करें, ताकि आगे चलकर वसीयत पर विवाद या देरी न हो।
खंड 5: ज़रूरी चेतावनी

5. धारा 67 चेतावनी: लाभार्थी या उसका जीवनसाथी गवाह न बने

गवाह बनते ही लाभार्थी का हिस्सा शून्य हो जाता है

अपने बेटे, बेटी या पत्नी को गवाह न बनाएँ, अगर उन्हें वसीयत में कुछ मिल रहा है। धारा 67 के अनुसार गवाह या उसके जीवनसाथी को दिया गया हिस्सा पूरी तरह शून्य हो जाता है।

बाकी वसीयत मान्य रहती है, लेकिन उस व्यक्ति का हिस्सा चला जाता है। इसलिए हमेशा ऐसे दो बालिग गवाह चुनें जिनका आपकी संपत्ति में कोई हित न हो।

• भरोसेमंद पड़ोसी या मित्र• फ़ैमिली डॉक्टर• चार्टर्ड अकाउंटेंट या वकील
खंड 6: दृश्य संरचना

6. वसीयत की संरचना: एक नज़र में पूरा ढाँचा

एक मान्य वसीयत का क्रम तय होता है। शीर्षक और घोषणा से शुरू होकर, खंड, हस्ताक्षर और अंत में दो गवाहों का सत्यापन आता है।

हिंदी वसीयतनामा फॉर्मेट की संरचना: क्रमांकित खंड, धारा 63 और दो गवाहों का सत्यापन
चित्र 1: धारा 63 के अनुसार हिंदी वसीयत का मानक ढाँचाबड़े आकार में देखें
खंड 7: चरण-दर-चरण प्रक्रिया

7. वसीयत कैसे लिखें: 6 आसान चरणों में पूरी प्रक्रिया

वसीयत बनाने के लिए अदालत जाने की ज़रूरत नहीं है। इन छह चरणों का पालन करें और आपकी वसीयत कानूनी रूप से पूरी हो जाएगी।

1

संपत्ति और देनदारियों की सूची बनाएँ

सभी बैंक खाते, एफडी, डीमैट खाते, म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसी, ज़मीन-मकान और कर्ज़ की सूची बनाएँ। स्व-अर्जित और पैतृक संपत्ति को अलग-अलग लिखें।

2

निष्पादक और वैकल्पिक निष्पादक चुनें

किसी भरोसेमंद व्यक्ति को निष्पादक बनाएँ जो आपके बाद बैंक और सरकारी दफ़्तरों से काम करवाएगा। एक वैकल्पिक निष्पादक भी नामित करें।

3

हर संपत्ति का लाभार्थी तय करें

हर संपत्ति के सामने लाभार्थी का पूरा नाम और रिश्ता लिखें। अंत में अवशिष्ट खंड ज़रूर जोड़ें ताकि छूटी हुई संपत्ति भी कवर हो जाए।

4

सादे A4 कागज़ पर प्रिंट करें

अंतिम प्रारूप को साफ़ सफ़ेद A4 कागज़ पर प्रिंट करें। स्टाम्प पेपर न खरीदें। हर पृष्ठ पर पृष्ठ संख्या डालें, जैसे "पृष्ठ 1 / 4"।

5

दो स्वतंत्र गवाहों के सामने हस्ताक्षर करें

हर पृष्ठ के नीचे हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाएँ। दो वयस्क गवाह आपको हस्ताक्षर करते देखें और फिर आपकी मौजूदगी में खुद हस्ताक्षर करें।

6

मूल वसीयत सुरक्षित रखें

मूल वसीयत को लॉकर या सुरक्षित जगह पर रखें। निष्पादक को बताएँ कि वसीयत कहाँ रखी है। चाहें तो उप-पंजीयक कार्यालय में पंजीकरण भी करा सकते हैं।

खंड 8: आम गलतियाँ

8. 3 सबसे आम गलतियाँ जो वसीयत को कमज़ोर बना देती हैं

छोटी सी चूक भी परिवार को सालों की मुकदमेबाज़ी में फँसा सकती है। हिंदी वसीयत बनाते समय इन तीन गलतियों से बचें।

#1

लाभार्थी को गवाह बनाना

बेटे, बेटी या पत्नी को गवाह बनाने से धारा 67 के तहत उनका पूरा हिस्सा शून्य हो जाता है। गवाह हमेशा स्वतंत्र व्यक्ति हों।

#2

संपत्ति का अधूरा विवरण

"मेरा मकान" या "मेरा बैंक खाता" लिखना काफ़ी नहीं है। खसरा नंबर, पता और खाता संख्या के बिना परिवार में विवाद की संभावना बढ़ती है।

#3

बिना हस्ताक्षर की काट-छाँट

हस्ताक्षर के बाद की गई कटिंग या ओवरराइटिंग तभी मान्य है जब उस पर वसीयतकर्ता और दोनों गवाहों के हस्ताक्षर हों (धारा 71)।

खंड 9: कानूनी तुलना

9. सादा, नोटरीकृत और पंजीकृत वसीयत: तुलना तालिका

तीनों तरह की वसीयत कानूनन मान्य हैं। फ़र्क केवल सबूत की मज़बूती, खर्च और समय में है।

विषयसादे कागज़ की वसीयतनोटरीकृत वसीयतपंजीकृत वसीयत
कानूनी वैधतापूरी तरह मान्य (धारा 63)पूरी तरह मान्यपूरी तरह मान्य
स्टाम्प ड्यूटी₹0₹0 (केवल नोटरी शुल्क)₹0 (राज्य के अनुसार मामूली पंजीकरण शुल्क)
गवाहकम से कम 2 बालिगकम से कम 2 बालिग2 गवाह, पंजीयक के सामने भी
सबूत की मज़बूतीसामान्यसामान्य (नोटरी रजिस्टर में प्रविष्टि)सबसे मज़बूत (सरकारी रिकॉर्ड)
गुम होने का जोखिमज़्यादाज़्यादाकम (प्रमाणित प्रति मिलती है)
समयउसी दिनउसी दिनउप-पंजीयक की अपॉइंटमेंट पर निर्भर

पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया जानने के लिए पढ़ें: उप-पंजीयक कार्यालय में वसीयत पंजीकरण गाइड

खंड 10: भाषा से जुड़े नियम

10. हिंदी में वसीयत: भाषा, पंजीकरण और अनुवाद के नियम

धारा 74 के अनुसार वसीयत में किसी तकनीकी शब्द की ज़रूरत नहीं है। आप उसी भाषा में लिखें जिसे आप सबसे अच्छी तरह समझते हैं। इससे बाद में यह आरोप नहीं लगता कि आपको वसीयत की बातें समझ नहीं आई थीं।

जिस भाषा को आप पढ़ते हैं, उसी में लिखें

अगर आप अंग्रेज़ी नहीं पढ़ते, तो अंग्रेज़ी वसीयत पर हस्ताक्षर न करें। अपनी समझ की भाषा में लिखी वसीयत को चुनौती देना कठिन होता है।

अनपढ़ वसीयतकर्ता के लिए खास पंक्ति

अगर वसीयतकर्ता पढ़ नहीं सकता, तो अंगूठे के निशान से पहले यह पंक्ति जोड़ें: "यह वसीयत मुझे पढ़कर सुनाई और समझाई गई, और मैंने इसे सही मानकर अंगूठा लगाया।"

पंजीकरण के समय भाषा

रजिस्ट्रेशन अधिनियम की धारा 19 के अनुसार, अगर दस्तावेज़ उस ज़िले में आमतौर पर इस्तेमाल न होने वाली भाषा में है, तो पंजीयक सही अनुवाद माँग सकता है। हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी वसीयत सीधे पंजीकृत होती है।

नाम और नंबर दस्तावेज़ों जैसे ही लिखें

लाभार्थियों के नाम उसी वर्तनी में लिखें जैसे आधार या पैन पर हैं। खाता संख्या, IFSC और DP ID को अंकों और अंग्रेज़ी अक्षरों में ही रहने दें।

खंड 11: विशेष परिस्थितियाँ

11. विशेष स्थितियाँ: पैतृक संपत्ति, नाबालिग और मुस्लिम वसीयत

आप कितनी संपत्ति अपनी इच्छा से दे सकते हैं, यह संपत्ति के प्रकार और आपके व्यक्तिगत कानून पर निर्भर करता है। इन चार स्थितियों को ध्यान से समझें।

पैतृक (सहदायिक) संपत्ति

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 30 के तहत आप केवल पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा वसीयत कर सकते हैं, पूरी संपत्ति नहीं। पैतृक बनाम स्व-अर्जित संपत्ति

नाबालिग बच्चों के संरक्षक

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए वसीयत में संरक्षक का नाम लिखें। माता और पिता दोनों अपनी-अपनी वसीयत में एक ही संरक्षक चुनें, ताकि टकराव न हो। संरक्षक नियुक्ति गाइड

मुस्लिम वसीयत (वसीयत)

मुस्लिम व्यक्तिगत कानून में आमतौर पर संपत्ति का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही वसीयत किया जा सकता है। बाकी शरीयत के अनुसार बँटता है। यह प्रारूप मुस्लिम वसीयत के लिए नहीं है। एक-तिहाई नियम समझें

वरिष्ठ नागरिक की वसीयत

80 वर्ष से अधिक आयु या बीमारी की स्थिति में डॉक्टर का फ़िटनेस प्रमाणपत्र साथ लगाएँ। यह अनिवार्य नहीं है, पर मानसिक क्षमता पर सवाल उठने से रोकता है। मेडिकल प्रमाणपत्र के बारे में

खंड 12: विश्वसनीयता

12. AMA Legal Solutions द्वारा जाँची गई कानूनी प्रक्रिया

WillDrafting.in

भारत का समर्पित वसीयत और उत्तराधिकार पोर्टल

सहयोग मेंAMA Legal Solutions

WillDrafting.in का हर प्रारूप और खंड AMA Legal Solutions के अनुभवी वकीलों द्वारा तैयार और समय-समय पर जाँचा जाता है। हम भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के अनुसार काम करते हैं। हमारा ऑनलाइन विज़ार्ड हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में उपलब्ध है।

18-बिंदु जाँच
कानूनी स्वास्थ्य ऑडिट
शून्य स्टाम्प ड्यूटी
सादे कागज़ पर मान्य
हिंदी और अंग्रेज़ी
द्विभाषी प्रिंट-रेडी PDF
खंड 13: सीधे जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: हिंदी वसीयतनामा

वसीयत लिखने, गवाही और पंजीकरण से जुड़े आम सवालों के सरल जवाब।

हाँ। भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 74 के अनुसार वसीयत में किसी खास कानूनी शब्द या भाषा की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरी बस इतना है कि आपकी इच्छा साफ़ समझ में आए। हिंदी में लिखी वसीयत पूरे भारत में उतनी ही मान्य है जितनी अंग्रेज़ी में लिखी वसीयत।
खंड 14: कानूनी संदर्भ

कानूनी संदर्भ और आधिकारिक सरकारी स्रोत

  • भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925: धारा 59 (वसीयत करने की क्षमता), धारा 62 और 70 (वसीयत बदलना या रद्द करना), धारा 63 (निष्पादन और गवाही), धारा 67 (गवाह-लाभार्थी), धारा 71 (बाद में किए गए बदलाव), धारा 74 (शब्दों की स्वतंत्रता) और धारा 222 (निष्पादक को प्रोबेट)।
  • हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956: धारा 8 और 15 (निर्वसीयत उत्तराधिकार) और धारा 30 (वसीयती उत्तराधिकार)।
  • हिंदू अप्राप्तवयता और संरक्षकता अधिनियम, 1956: धारा 9 (वसीयती संरक्षक)।
  • रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908: धारा 18 (वसीयत का वैकल्पिक पंजीकरण) और धारा 19 (भाषा और अनुवाद)।
  • भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 और बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 39 (नामांकन)।
  • सुप्रीम कोर्ट: शक्ति येज़दानी बनाम जयानंद जयंत सालगांवकर (2023), नॉमिनी केवल संरक्षक है।